- रैम्प योजना के अंतर्गत सीएफटीआरआई, मैसूर में MSMEs एवं स्टार्टअप्स की तकनीकी एक्सपोज़र विजिट सफलतापूर्वक संपन्न
- Technical Exposure Visit of MSMEs and Startups Successfully Concludes at CFTRI, Mysuru under RAMP Scheme
- Dhvani Bhanushali Receives Warm Appreciation from Gajraj Rao for Papa Hero Tum Mere Track from Her Album ‘Feels’, Singer Reacts
- ईडीआईआई और सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ ने संयुक्त रूप से टेक्नोलॉजी शोकेस एंड एडॉप्शन वर्कशॉप का आयोजन किया
- Varun Dhawan Turns Host for the First Time for IIFA 2027
जि़ंदगी खुशनुमा हो सबकी, इन्सानियत की शमां जलाइए
इंदौर. हिन्दी परिवार द्वारा अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में पाठक संसद क ा आयोजन किया गया. इस बार जि़ंदगी का फलस$फा बयां करती रचनाओं के साथ-साथ चुनावी माहौल को देखते हुए नेताओं पर तंज करती एवं उनके रंग उड़ाती पोल खोलती रचनाएं सुनने को मिली.
कार्यक्रम की शुरूआत हंसा मेहता ने जि़ंदगी में शिकायते बहुतों से है/ आओ जि़ंदगी को आसान कर ले/ भारी बोझ लिए घ्ूामते हम/ आओ इसे थोड़ा हल्का कर ले। दिनेशचंद्र तिवारी- अपना दर्द भुलाकर औरों के काम भी आइये/ जि़ंदगी खुशनुमा हो सबकी/ इन्सानियत की शमां जलाइए। श्याम बागोरा- जि़ंदगी का सफर अद्भूत सफर है।
अनूप सहर- कभी रूकना न मंजि़ल पाने से पहले/ इस तरह माँ ने मुझे जीना सिखाया। विनीता चौहान- बचपन, यौवन चितवन, बुढ़ापा/ मेरा हर रंग रूप/ इस आईने में कै़द है/ आज आईने ने मुझे आईना दिखा दिया।
भीमसिंह पंवार- ममता, करूणा, दया भरी रहती है जिसके दिल में वो माँ होती है। प्रदीप नवीन ने चुनावी रंग में रंगी हुई रचना सुनाई- अपनी अपनी चाल अपनी है गोट/ सत्य कौन जाने किसके मन में है खोट।
हरेरामवाजपेई ने पार्टियों पर तंज करती पंक्तियां सुनाई- अब सूखे तालाबों से अश्वासनों के कमल खिलेंगे/ वादों की बरसात से सच की बर्फ़ पिघलेगी। मुकेश इन्दौरी ने $गज़ल- बेव$फा को वोट देकर रो रहा हूँ आज तक/ काँच के टूकड़े पे मुझे हीरे का धोखा हुआ/ अच्छे दिन अपने यहाँ आने ही वाले हैं मुकेश/ राह किसने रोक रखी कौन जाने क्या हुआ सुनाकर दाद बटोरी।
रामआसरे पांडे , ओम उपाध्याय आदि ने भी रचना पाठ किया। संचालन मुकेश इन्दौरी ने किया। आभार प्रदीन नवीन ने माना।


